Sunday, 4 March 2018

4 मार्च – साहित्यकार फणिश्वरनाथ रेणु का जन्म हुआ

1921 में हिंदी के लोकप्रिय साहित्यकार फणीश्वरनाथ रेणु का जन्म फारबिसगंज के पास औराही हिंगना गांव में हुआ। मैला आंचल, परती परिकथा उनकी चर्चित कृतियां हैं। उन्होने कई कहानियां भी लिखीं। रेणु ने मैट्रिक की पढ़ाई नेपाल के विराटनगर में रहकर की।  1942 के बाद वे स्वतंत्रता संग्राम में कूद पड़े। 11 अप्रैल 1977 को उनका निधन पटना में हुआ।बाद में 1950 में उन्होने नेपाली क्रांतिकारी आन्दोलन में भी हिस्सा लिया । उनकी कहानी मारे गए गुलफाम पर तीसरी कसम नाम से फिल्म बनी रेणु ने हिन्दी साहित्य में आंचलिक कथा की नींव रखी । 
1788 में पश्चिम बंगाल में कलकत्ता गजट का पहला प्रकाशन हुआ।
1789 मे अमेरिकी कांग्रेस की बैठक हुई और संविधान को लागू करने का एलान किया गया।
1797 में जॉन एडम्स अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति बनेइससे पहले वे उपराष्ट्रपति थे।
1823 में उस्मानी शासन और यूनान के बीच युद्ध में यूनानी सेना ने त्रिपोलिज़ा शहर में 12 हजार मुसलमानों का नरसंहार किया। 

1837 में अमेरिका के तीसरे सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले शहर शिकागो को शहर का दर्जा मिला।
1882 में पूर्वी लंदन में पहली बार बिजली से चलने वाली ट्राम का संचालन हुआ
1894 में  शंघाई में लगी भीषण आग में 1000 से ज्यादा घर तबा​ह हुए।
1902 में शिकागो में अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन की स्थापना हुई

1921 
में असहयोग आंदोलन में ननकाना साहिब के एक गुरुद्वारेजहां पर शान्तिपूर्ण ढंग से सभा का संचालन किया जा रहा था, सैनिकों के द्वारा गोली चलाने के कारण 70 लोगों की जान चली गई।
1931 में ब्रिटिश वायसरायगवरनर-जनरल एडवर्ड फ्रेदेरिक्क लिंडलेवुड और मोहनदास करमचंद गांधी की भेंट हुई। इसके बाद राजनीतिक कैदियों की रिहाई और नमक के सर्वजन उपयोग की छूट को लेकर मंत्रणा और इकरारनामे की घोषणा की गई
1936 में जर्मनी में पहली बार हिंडेनबर्ग हवाई जहाज ने आधिकारिक उड़ान भरी।
1951 में नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों का आयोजन हुआ।
1961 में  भारत के पहले विमान वाहक युद्धपोत आईएनएस विक्रांत की तैनाती की गई।
1977 में  रोमानिया में भूकंप से 1541 लोगों की मौत हुई।
1999 में संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों को अपनी परित्यक्ता पत्नी एवं बच्चों को जीवन निर्वाह भत्ता देने की घोषणा।

2002 में रॉबर्ट मुगाबे को लगातार पांचवी बार राष्ट्रपति चुना गया लेकिन चुनाव में कई प्रकार की धांधलियों की रिपोर्टें सामने आईं।
2012 में कांगो गणराज्य में युद्धक सामग्रियों के मलबे में विस्फोट से करीब 250 लोगों की मौत हो गई। 

 ( HISTORY OF THE DAY, EVENTS OF THE DAY, WHAT HAPPEN ON THIS DAY ) 

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